दीप सिद्धू के साथ नाम जुड़ने पर सनी देओल ने ट्वीट कर कहा- मेरा और मेरे परिवार का कोई संबंध नहीं, सोशल मीडिया पर हो गए बुरी तरह ट्रोल

26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के बीच भारी संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ आईटीओ और लाल किले पर पहुंच गए और किले के भीतर घुस गए। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने अपने संगठन का झंडा फहराया, जिसके बाद देश का हर नागरिक ये दश्य देखकर काफी हैरान हो रहा है। गणतंत्र दिवस पर हुई इस घटना में एक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता दीप सिद्धू का नाम सामने आ रहा है। लाल किले पर प्रदर्शनकारियों द्वारा धार्मिक झंडा फहराये जाने की घटना को लेकर किसान नेताओं ने एक्टर दीप सिद्धू को आड़े हाथों लिया है।

दीप सिद्धू से संयुक्त किसान मोर्चा ने किनारा किया है। वहीं दीप खुद को बॉलीवुड एक्टर और बीजेपी सांसद सनी देओल का कज़िन बताते हैं। 2019 के लोक सभा चुनाव में सनी देओल के पूरे प्रचार में वह उनके साथ होते थे। दीप सिद्धू पीएम को मिलने भी सनी के साथ गया था।इस बीच सोशल मीडिया पर सनी देओल और दीप सिद्धू की पुरानी तस्वीर वायरल होने लगी। लोग इसी तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर सवाल उठा रहे हैं।

ऐसे में कांग्रेस नेता समेत कई लोग और फिल्मी इंडस्ट्री के लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर सनी देओल, हेमा मालिनी को जमकर ट्रोल किया जाने लगा।

सनी देओल ने दीप सिद्धू के साथ नाम जुड़ने पर सफाई में ट्वीट करते हुए लिखा- ‘आज लाल किले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी छह दिसंबर को ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है।’

हालांकि ट्रोलर्स कहा मानने वाले थे। एक ने सनी देओल के इस बयान पर कमेंट करते हुए लिखा- अच्छा खासा नाम कमाया था। ऐसा गिरा हुआ काम करने की क्या जरूरत थी? एक ने लिखा- किसान तो अपने बैल पर हमला नहीं करता तो वो तिरंगे का अपमान कैसे कर सकता है।

कुछ यूजर्स ने तो सनी देओल का एक पुराना वीडियो भी शेयर करना शुरू कर दिया जिसमें वह दीप सिद्दू को बचपन का दोस्त बता रहे हैं। यह घटना घट जाने के बाद आप इस व्यक्ति से पल्ला झाड़ रहे हैं। जो व्यक्ति निरंतर आपके साथ हैं बुरे वक्त में क्या आप ऐसे ही साथ छोड़ते हैं।

ऐसे में दीप सिद्दू ने अपना एक और वीडियो जारी करके सफाई दी है कि उन पर जो आरोप लगाया जा रहा है कि लाल किले में हुई घटना के लिए वो अकेले ही जिम्मेदार है और उसने ही कुछ किसानों को भड़का कर इस घटना को अंजाम दिया है। इसपर दीप सिद्धू ये तो मान रहे हैं कि उन्होंने और उनके साथियों ने लाल किले पर निशान साहिब और किसान मजदूर एकता के दो झंडे लहराए हैं लेकिन दिल्ली में दाखिल होने वाले सभी किसानों को उन्होंने नहीं कहा है।

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