नसीरुद्दीन शाह: दिलीप कुमार ने एक बड़ा स्टार होने के नाते हिंदी सिनेमा या नए कलाकारों को आगे बढ़ाने में कोई खास योगदान नहीं दिया

जैसा की आप सब जानते हैं की 7 जुलाई को हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का 98 साल की उम्र में निधन हो गया था। दिलीप कुमार के निधन पर सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी और इसी कड़ी में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी दिलीप कुमार के निधन पर शोक जताया था, लेकिन हाल ही में नसीरुद्दीन शाह ने दिलीप कुमार को लेकर ऐसी बात कही, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। नसीरुद्दीन शाह अपने बेबाक बोल के लिए मशहूर हैं और अपनी बात को खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके इस बयान के बाद लोग उन्हें खरी खोटी सुना रहे हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के लिए लिखे एक आर्टिकल में नसीर ने कहा कि दिलीप कुमार ने एक बड़ा स्टार होने के नाते हिंदी सिनेमा या नए कलाकारों को आगे बढ़ाने में कोई खास योगदान नहीं दिया है।

नसीरुद्दीन शाह ने दिलीप कुमार को देश के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार किया, नसीरुद्दीन ने लिखा, ‘दिलीप कुमार एक्टिंग में ‘नाटकीयता, तीखी आवाज और लगातार हाथ हिलाना’ मानदंडों का पालन नहीं करते थे। दिलीप कुमार की स्टाइल ने इंडियन फिल्मों में एक प्रतिमान स्थापित किया। उनके तरीके को बाद के अभिनेताओं ने भी फॉलो करने की कोशिश की मगर वह बेहद नकल जैसा ही दिखता था।

हालांकि, नसीरुद्दीन शाह ने इस बात पर अफसोस जताया कि ‘जिस जगह पर दिलीप कुमार थे, उन्होंने अभिनय के अलावा कुछ भी नहीं किया और वह अपने दिल के करीब सामाजिक कार्यों में ज्यादा शामिल रहे। उन्होंने कभी भी अपने अनुभव का फायदा आगे नहीं बढ़ाया, उन्होंने किसी को नहीं निखारा और 1970 के शुरूआती फिल्मों को छोड़ दें तो उन्होंने आगे आने वाले एक्टर्स के लिए कोई खास ऐसा जरूरी सबक नहीं छोड़ा।’

नसीरुद्दीन लिखते हैं, ‘दिलीप साहब देश के सबसे बेहतरीन लोगों में से थे जिनकी मौजूदगी ही फिल्मों को ऊपर उठा देती थी लेकिन इतने स्टारडम के बावजूद उन्होंने ऐसा कुछ खास नहीं किया।’

पिछले दिनों दिलीप कुमार के बारे में बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह काफी भावुक हो गए थे। नसीरुद्दीन शाह ने खुलासा करते हुए बताया कि जब वो अस्पताल में भर्ती थे तो उस दौरान सायरा बानो उनसे मिलने के लिए और उनका हालचाल लेने के लिए आई थीं। नसीरुद्दीन शाह ने बताया कि दिलीप कुमार उनकी तबीयत के बारे में जानना चाहते थे। इसलिए उन्होंने सायरा बानो को अस्पताल में उनके पास मिलने के लिए भेजा था।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा था, ‘सायरा बानो की ये बात सुनकर मैं काफी भावुक हो गया। मैं अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले एक बार बस उनसे मिलना चाहता था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण जिस दिन मुझे छुट्टी मिली, उसी दिन दिलीप साहब ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।’

 

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