फिर फुटपाथ पर आया ‘बाबा का ढाबा’, लाखों रुपए लगाकर फिल्मी अंदाज में खोल लिया था रेस्टोरेंट

कुछ महीने पहले दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में सड़क किनारे एक छोटा सा ढाबा चलाने वाले बुजुर्ग कांता प्रसाद रातों रात मशहूर हुए थे। यू-ट्यूबर और फूड ब्लॉगर गौरव वासन ने अक्टूबर 2020 में उनका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था, जिसमें 80 साल के बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद अपने ढ़ाबे पर खाने की बिक्री न होने की वजह से दुखी थे और रोते हुए अपनी समस्या बताते हुए कह रहे थे कि लोग उनके यहां खाने नहीं आ रहे हैं और उनकी दुकान नहीं चल रही है। इस वीडियो को लोगों ने सोशल मीडिया पर जोरों से वायरल किया। वीडियो वायरल होते ही बाबा (कांता प्रसाद) रातों-रात लोगों के बीच प्रसिद्ध हो गए थे। कांता प्रसाद की मदद के लिए लोगों की भीड़ मालवीय नगर स्थित बाबा के ढ़ाबा पर जुटने लगी। लोगों ने लाखों रूपए दान के रुप में भी दिए और जो पैसे से मदद नहीं कर सका उसने अन्य साधनों से बाबा कांता प्रसाद की मदद की।

नेता से लेकर अभिनेताओं ने बाबा का ढाबा के सर्मथन में ट्वीट किये और उनकी मदद के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। बताया जा रहा है कि बाबा को सहायता के रूप में 40 लाख से ज्यादा रुपये मिले थे। दो महीने के अंदर बाबा कांता प्रसाद ने 5 लाख रुपये लगाकर मालवीय नगर में अपने पुराने ढाबे से कुछ ही दूरी पर एक रेस्टोरेंट खोला। वहां पर एक कुक, वेटर और सिक्योरिटी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाये।

लेकिन करीब 1 महीने बाद कहानी में तब एक नया मोड़ आया जब बाबा कांता प्रसाद ने उसी फूड ब्लॉगर गौरव वासन पर आरोप लगाया कि उसने पैसों की हेराफेरी की है। यह कहते हुए मालवीय नगर पुलिस थाने में शिकायत दे दी जिसके चलते फूड ब्लॉगर द्वारा वासन पर FIR दर्ज हो गई। कांता प्रसाद का कहना है कि उनको फूड ब्लॉगर गौरव वासन से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा ‘जिसने हमारी इतनी मदद की, हम उसके बारे में ऐसे कैसे कह सकते हैं कि उसने हमारे साथ धोखाधड़ी की। हमको बरगलाया गया और हम से कागज पर दस्तखत करवा लिए गए अगर हमको मालूम होता है कि इनके अंदर क्या लिखा है तो हम कभी दस्तखत नहीं करते। हम तो केवल यह जानना चाह रहे थे कि कितना पैसा अकाउंट में आया है।’ कांता प्रसाद के मुताबिक वीडियो वायरल होने के बाद उनके पास कुल 45 लाख रुपये आये। जिसमें से कुछ पैसे का उन्होंने मकान बना लिया, कुछ पैसा रेस्टोरेंट में खर्च हो गया। आप उनके पास करीब 19 लाख रुपया बैंक अकाउंट में रखा हुआ है।

बाबा का ढ़ाबा के मालिक बुजुर्ग कांता प्रसाद अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। पहले लॉकडाउन के बाद सोशल मीडिया पर छाए कांता प्रसाद ने दिसंबर महीने में मालवीय नगर में अपने ढाबे से कुछ ही दूरी पर एक रेस्टोरेंट खोला था। लेकिन दो महीने के भीतर ही बाबा का यह नया रेस्टोरेंट बंद हो गया और बाबा कांता प्रसाद वापस अब अपने उसी ढाबे पर आ गए हैं जहां से उनकी कहानी की शुरुआत हुई थी।

हालांकि, बाबा का कहना है कि उनके पास पैसे की कमी नहीं है, मगर अब बाबा की सहायता के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बाबा का ढाबा एक बार फिर से चर्चा में बना हुआ है। बुजुर्ग कांता प्रसाद ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें अपना रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। लागत के अनुसार खर्चा न निकलने पर बाबा ने फरवरी 15 को अपना रेस्टोरेंट बंद कर दिया और वापस अपने उसी पुराने ढ़ाबे पर पहुंच गए हैं। बाबा ने बताया कि मासिक खर्च लगभग 1 लाख रुपये था, जबकि औसत मासिक बिक्री कभी 40,000 रुपये से अधिक नहीं हुई। कांता प्रसाद के खर्चे में 35000 रुपये रेस्टोरेंट का किराया, 36000 रुपये तीन कर्मचारियों की सैलरी और 15 हजार रुपये राशन, बिजली और पानी के लिए शामिल था।

रेस्टोरेंट पर धीरे-धीरे ग्राहकों का आना कम होता गया और रेस्टोरेंट का खर्चा बढ़ने लगा। इसके बाद बाबा को अपना रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। वह बताते हैं कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से 17 दिनों के लिए पुराने ढाबे को बंद करना पड़ा।  इस वजह से बिक्री प्रभावित हुई और लॉकडाउन से पहले जहां दैनिक बिक्री 3500 रुपये होती थी, वो अब घटकर अब 1000 रुपये हो गई है। ये हमारे परिवार के गुजारे के लिए पर्याप्त नहीं है। बाबा अब लोगों से सहायता की आस लगाए बैठे हैं।

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