सरकारी एजेंसियों और योजनाओं को बिग बी ने दिखाया आइना !

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन सिर्फ़ नाम से ही बिग बी नहीं, बल्कि उनका दिल भी बहुत बड़ा है। समय-समय पर वो खुद इसका उदाहरण देते रहते हैं। एक 76 साल का शख़्स, जिसने हिन्दी सिनेमा को अपने कई साल दिए। मेहनत कर पैसा और रुतबा कमाया और उस कमाई का एक बड़ा हिस्सा किसानों को दान कर दिया। ऐसी शख़्सियत को सलाम करने को जी चाहता है। हाल ही में उन्होंने यूपी के करीब 1348 किसानों का क़र्ज़ चुकाया है। जहां एक ओर सरकार कि तमाम योजनाएं भी किसानों के कर्ज़ को कम नहीं कर पा रही है वहीँ बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बड़ी आसानी से लोन मिल जाता है और  वो बिना क़र्ज़ चुकाय आसानी  देश छोड़कर भाग भी जाते हैं लेकिन हमारे देश के किसान भाइयों को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया जाता है।

बीती 30 नवंबर को ही कई राज्यों के किसान क़र्ज़ माफ़ी, फ़सलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने और एमएस स्वामीनाथन कमीशन रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने की मांग को लेकर किसानों ने देश के कई हिस्सों से पैदल मार्च निकालकर संसद भवन पर अपना धरना समाप्त किया। लेकिन फिर भी उनकी मांगें केवल मांग बनकर ही रह गईं। तमाम विपक्षी नेता धरनास्थल पर पहुंच तो गए, लेकिन सभी चुनावी रोटियां सेकते ही नज़र आए।

बिग बी ने जिस तरह उत्तर प्रदेश के किसानों का कर्ज़ चुकाया है वो कहीं ना कहीं सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करने वाला है। सरकार किसानों के लिए तमाम योजनाएं चलाती है, फिर भी देश का किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। कर्ज़ के चलते हज़ारों किसान अपनी जान दे चुके हैं। लेकिन आज भी किसानों को कर्ज़ से मुक्ति नहीं मिली है। केन्द्र सरकार की ओर से योजनाएं चलाई जाती हैं। राज्य सरकारों की ओर से भी अलग योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन फिर भी देश के किसान की स्थिति जस की तस है।

बात की जाए उत्तर प्रदेश के किसानों की, तो योगी सरकार में उत्तर प्रदेश का दूसरा बजट इसी साल फरवरी में पेश किया गया था, जिसमें किसानों के लिए कई योजनाएं घोषित की गई थीं। लेकिन क्या वो योजनाएं किसानों के लिए कारगर साबित हुईं? ये एक बड़ा सवाल है।

केन्द्र सरकार ने भी किसानों के लिए करीब 30 योजनाएं चलाई। इन योजनाओं में से कुछ योजनाएं ऐसी रहीं जिनसे किसानों को लाभ मिलना तय था। ये योजनाएं इस प्रकार हैं: सॉयल हेल्थ कार्ड (एसएचसी) योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ब्याज रियायत योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना,  परंपरागत कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विपणन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय तिलहन और तेल मिशन कार्यक्रम, बागवानी के समन्वित विकास के लिए मिशन, पशुधन विपणन, न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि। लेकिन इन योजनाओं से भी किसानों को किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल पाया।

इसी बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का ये कदम सराहनीय है। बता दें अमिताभ ने इससे पहले महाराष्ट्र के 350 से भी ज़्यादा किसानों का क़र्ज़ चुकाया था। साथ ही शहीद जवानों के परिवारों को आर्थिक सहायता भी पहुंचाई थी। लेकिन उनके इस कदम ने तमाम नेता-मंत्री और सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।  इतनी योजनाएं बनने के बावजूद क्यो किसानों को लाभ नहीं मिल पाया ? इतना पैसा किसानों के हित में आने के बावजूद क्यों किसानों को कर्ज़ से मुक्ति नहीं मिल पाई ? ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब मिल पाना शायद मुश्किल है।

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