सुशांत की पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में अहम जानकारियां गायब, रिपोर्ट देख भौंचक्की रह गयी बिहार पुलिस!

सुशांत सिंह राजपूत मामले में हर रोज एक के बाद एक नए और बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब बिहार पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। हाल ही में बिहार पुलिस सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमा’र्टम डिटेल लेने के लिए कूपर अस्पताल पहुंची थी लेकिन उन्हें पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी जा रही थी। तमाम मशक्कत के बाद बिहार पुलिस ने आखिरकार पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट हासिल कर ली है और इस रिपोर्ट को देख बिहार पुलिस भौंचक्की रह गयी है।

सूत्रों की मानें तो इसमें वो अहम जानकारियां है ही नहीं, जो आमतौर पर किसी भी पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में होती है। 14 तारीख की रात 11 से 12.30 तक पोस्टमा’र्टम हुआ जो कि गलत है, क्योंकि रात को पोस्टमा’र्टम नहीं करने का नियम है। सुशांत का नि’धन कब हुआ इसकी टाइमिंग भी नहीं दी गई है।  इतना ही नहीं बॉडी की हाइट या कोई आईडेंटिटी मार्क भी रिपोर्ट में नहीं बताया गया है। मौ’त होने के बाद बॉडी में क्या बदलाव आया इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है। अगर ये जानकारी पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में दी गई होती तो मौ’त होने के वक्त का पता चल सकता था।

बॉडी की स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में नहीं दी गई है, जैसे जीभ निकली हुई थी या नहीं। आंख खुली थी या बंद। बॉडी को किस अवस्था में नीचे उतारा गया था इसका भी जिक्र नहीं है। आपको बता दें पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में बॉडी से जुड़ी सारी जानकारी देनी बहुत जरूरी होती है। पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में इंटरनल बॉडी पार्ट में कोई असामान्यता तो नहीं थी ये भी बताना होता है, लेकिन सुशांत की पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में कुछ ऐसा नहीं है।

सुशांत की पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि कोई निशान उनके शरीर पर था या नहीं। फं’दे से लटकने के बाद जो बदलाव शरीर में होते हैं जैसे चेहरा पीला हो जाता है, शरीर का पूरा रंग बदल जाता है, कई जगहों पर स्पॉट आ जाते हैं, गर्दन में खिंचाव आता है जिससे वह लंबी हो जाती है यहां तक कि जिस चीज पर फां’सी लगाई जाती है उसके निशान गर्दन पर बन जाते हैं। कायदे से इन सभी बातों का जिक्र पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में होना चाहिए लेकिन सुशांत मामले में ऐसा नहीं है। लिहाजा दिन ब दिन ये मामला पेचीदा और शक के दायरे में आता दिख रहा है।

ऐसे में सुशांत की पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट में इतना फेरबदल करने का मुख्य कारण क्या हो सकता है अब यह पता लगाना भी बिहार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

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